डबल मनी के मामले में सीबीआई जांच हो.... महेश सहारे
बालाघाट। चर्चित डबल मनी मामले में सही समय पर जांच हो जाती तो लोगों के हजारो करोड़ो रूपये की ठगी से बचाया जा सकता था इस संबंध में विधायक हिना कावरे द्वारा विधानसभा में ध्यानाकर्षण डबल मनी मुद्दे को उठाया गया था जिस का फायदा ठगी करने वालों को हुआ क्योंकि जांच के नाम पर कुछ भी नही किया जिस कारण ठगी करने वालो पर लोगो ने भरोसा किया जबकि विधायक हिना कावरे द्वारा 23 मार्च 2021 को विधानसभा के ध्यानाकर्षण में इस बात का मुद्दा उठाया गया कि, कैसे कोई व्यक्ति कम समय में लोगों से लिए गये पैसे का डबल कर देता है। 9 अप्रैल 2021 को डबल मनी मामले को मध्यप्रदेश विधानसभा ने मामले को संज्ञान में लिया।
6 जून 2021 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय बालाघाट को प्रेषित किया गया। 10 मार्च 2022 को मध्यप्रदेश की विधानसभा द्वारा एक पत्र उपायुक्त सहकारिता विभाग बालाघाट को प्रेषित किया गया। जिसमें कलेक्टर बालाघाट और पुलिस अधीक्षक बालाघाट से सम्पर्क कर विधान सभा को जानकारी देने के लिए निर्देशित किया गया था।
6 जून 2021 से लेकर 10 मार्च 2022 तक बालाघाट कलेक्टर पुलिस अधीक्षक द्वारा डबल मनी मामले में क्या कार्यवाही की गई। इसके लिये म.प्र. विधानसभा से उपायुक्त सहकारिता विभाग बालाघाट को डबल मनी मामले की जानकारी देने के लिये निर्देशित किया गया था लेकिन कोई जानकारी इनके द्वारा नही दी गई।
यहां यह सवाल उठता है 6 जून 2021 से 10 मार्च 2022 तक बालाघाट कलेक्टर पुलिस अधीक्षक एवं उपायुक्त सहकारिता विभाग द्वारा विधानसभा म.प्र. को डबल मनी मामले में कोई जानकारी नहीं दी गई जिसके कारण बालाघाट किरनापुर लांजी, बोलेगांव में लोगों का डबल मनी करने वालों पर विश्वास बढ़ा क्योंकि 9 महिने तक एवं उसके बाद भी चिटफंड करने वालों पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। जिसके चलते लोगो ने धड़ल्ले से पैसा डालना शुरू किया और हजारों करोड़ों रूपये लोगों से जमा कराया गया जिसमें म.प्र. के साथ-साथ छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र एवं अन्य प्रदेशों से लोगों ने भारी मात्रा में पैसा लगाया।
अगर सही समय पर जांच रिपोट जनता के सामने आ जाती तो हजारों करोड़ो रूपये की ठगी बच जाती। इस मामले को दबाने में इन सब लोगों की भुमिका है। जिसमें लांजी विधायक हिना कावरे के द्वारा विधानसभा में सवाल पूछा गया था तो इनके द्वारा जांच रिर्पोट को सार्वजनिक क्यों नही किया गया अगर चिटफंड करने वालों के कम्प्युटर एवं लेखा जोखा जो जप्ती किया गया था उसकी जांच की जाए तो कई बड़ेे-बड़ेे अधिकारी और नेताओं व उद्योगपति, ठेकेदारों के नाम सामने आयेगें।
इस मामले में विधायक हिना कावरे भी साठ गांठ करके चुपचाप बैठी है, उस समय के तत्कालीन कलेक्टर का भी पैसा डबल मनी में लगा ऐसी बात बालाघाट मे चर्चित है। जिसके चलते बालाघाट वासियों के हजारों करोड़ो रूपये भी डुब चुके है जिससे बालाघाट की गरीब जनता बेहद परेशान और दुखी है बहुत लोगों ने 1 अपनी खेती की जमीन, मकान, जेवर आदि गीरवी रखकर और बेचकर पैसा लगाया था जो आजतक उनको नहीं मिला।
डबल मनी आरोपियों की गिरफतारी के बाद पुलिस ने लोगों से अपील की थी कि, आप अपने चेक हमारे पास लेकर आओ हम पैसा आपको वापस लौटायेगें लेकिन आज दिनांक तक कितने लोगों के पैसे लौटाये गये। लांजी विधायक हिना कावरे कलेक्टर एस.पी. बालाघाट की अनदेखी एवं मिली भगत के चलते बालाघाट जिले की भोली भाली जनता के हजारों करोड़ो रूपये डुब चुके है। जानकारी के अनुसार डबल मनी के आरोपी सोमेन्द्र कंकराने की जमानत हाई कोर्ट जबलपुर द्वारा निरस्त कर दी गई है जिससे साबित होता है सोमेन्द्र कंकराने पैसा वापस नही करने वाला है जिस कारण हाई कोर्ट जबलपुर ने जमानत निरस्त कर दी गई ।
आज तक का सबसे बड़ा म.प्र. का हजारो करोडो का चिटफंड डबल मनी का मुख्य आरोपी सोमेन्द्र कंकाराने बोलेगांव लांजी निवासी सोमेन्द्र कंकराने हेमराज आमाडारे अजय तिड़के एवं अन्य 8 आरोपी की, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय अखिलेश यादव पूर्व मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश से मुलाकात कर मेरे द्वारा पुरी जानकारी दी जायेगी और लोकसभा सदन में सी.बी.आई. जाँच की मांग की जायेगी एवं बालाघाट की भोली-भाली जनता का पुरा पुरा पैसा सोमेन्द्र कंकाराने एवं अन्य की चल और अचल सम्पति कुर्की कर वापस करने के लिये लोकसभा में बात उठायी जायेगी।
महेश सहारे
जिलाध्यक्ष समाजवादी पार्टी बालाघाट