गर्रा में मुक्त कराई गई 15 करोड़ कीमत की जमींन
बालाघाट. मुख्यालय से लगी औद्योगिक नगरी गर्रा में सोमवार को प्रशासन ने अतिक्रमण हटाओं की कार्रवाई की। इस दौरान करीब 15 करोड़ कीमत की जमींन अतिक्रमण से मुक्त कराई गई। सोमवार को प्रशासन और पुलिस बल की भारी मौजूदगी में चिन्हित अतिक्रमण को जेसीबी मशीन की सहायता से ढहा दिया गया। इनमें हॉटल, दुकानों से लेकर कुछ मकान भी शामिल है। कार्रवाई के दौरान एसडीएम केसी बोपचे, तहसीलदार रामबाबू देवांगन, गर्रा सरपंच वैभव बिसेन सहित राजस्व, पटवारी और पुलिस बल का अमला मौजूद था।
जानकारी के अनुसार गत शनिवार को ही यहां सीमांकन करने पहुंचे प्रशासनिक अमले ने सोमवार को गर्रा में अतिक्रमण कार्रवाई करने की बात कही थी। निर्धारित कार्यक्रम के तहत सोमवार को सुबह से ही प्रशासनिक अमले ने यहां पहुंचकर अतिक्रमण की हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। हालांकि जिस तरह से विरोध की बात कही गई थी, वह कार्रवाई के दौरान कहीं नजर नहीं आया। शांतिपूर्ण तरीके से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होती रही।
तहसीलदार रामबाबू देवांगन ने बताया कि पटवारी के सीमांकन किए गए अतिक्रमण को आधार बनाकर अतिक्रमण तोडऩे की कार्रवाई की जा रही है। चूंकि यह चौक लगभग 180 फीट चौड़ा है। इसके बीच आ रहे अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जा रही है। अब तक लगभग 40 से 50 अतिक्रमण को तोड़ा गया है, वहीं अन्य अतिक्रमण पर कार्रवाई जारी रहेगी। इन्होंने बताया कि इस मार्ग पर करीब 4850 अतिक्रमण चिन्हित किए गए थे। नोटिस जारी करने के बाद करीब 50 प्रतिशत ने स्वयं से अपने अतिक्रमण हटा लिए हैं। शेष स्टै्रक्चर को तीन जेसीबी मशीनों की सहायता से हटाया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीयजन और पुलिस बल भी तैनात रहा।
गर्रा सरपंच वैभव सिंह बिसेन ने बताया कि राजस्व विभाग से अतिक्रमण तोड़ा जा रहा है। राजस्व विभाग ने 180 लोगों को नोटिस दिया गया है। विस्थापन करना राज्य शासन का काम है, पंचायत का नहीं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कोई विरोध नहीं दिखा है और किसी ने किया होगा, तो इसकी जानकारी नहीं है।