कटंगी, खैरलांजी के बीएमओ सहित 18 स्वास्थ्य कार्यकत्र्ता को नोटिस जारी
बालाघाट. कलेक्टर डॉ गिरीश कुमार मिश्रा ने प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने के कारण कटंगी, खैरलांजी बीएमओ सहित 18 महिला व पुरूष स्वास्थ्य कार्यकत्र्ता को नोटिस जारी किया है। सभी को 2 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने कहा गया है। समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एक पक्षीय कार्यवाही की जाएगी।
जानकारी के अनुसार कटंगी बीएमओ डॉ पंकज दुबे व खैरलांजी बीएमओ डॉ खिलेन्द्र पाल को नोटिस जारी किया गया है। दोनों बीएमओ को 2 दिनों के भीतर सीएमएचओ के अभिमत सहित समक्ष में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने कहा गया है। दोनों ही अधिकारियों को प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं की समीक्षा के दौरान अनमोल पोर्टल पर लक्ष्य से बहुत कम प्रविष्टि की गई है। जिसके कारण उन्हें नोटिस जारी किया गया है।
इसी तरह स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं में नैतरा की एएनएम चन्द्रप्रभा डोंगरे, गुडरूघाट की ज्ञानवंती माने, बबरिया की राजकुमार गौतम, खारी की आशा डहरवाल, मोरवाही की यमुना कराहे, सेक्टर सेवती के गरीबदास खोब्रागढ़े, किरनापुर के शांतिलाल गेडाम, बम्हनी की मीना टेकाम, मोरवाही के संजय बैस, मंडई के परमेश्वर रंगारे, शहरी क्षेत्र वारासिवनी की के दमाहे, किरनापुर की कुसुम सोनी, आरंभा की पी राणा, बेनी की संगीता गुबरेले, बकोड़ी की मनीषा कुंभारे, मिरगपुर के भीमराव घरडे, के बिरनवार और किरनापुर की नीतकला गौतम शामिल है। इन स्वास्थ्य कार्यकत्र्ताओं ने अनमोल पोर्टल पर गर्भवती माताओं के पंजीयन में गंभीर लापरवाही बरती है। जिसके कारण उन्हें नोटिस जारी किया गया है।
बीपीएम, बीसीएम, डाटा एंट्री ऑपरेटर को भी नोटिस जारी
कलेक्टर ने इसी मामले में 5 बीपीएम सहित 8 शासकीय सेवकों को नोटिस जारी किया है। इन शासकीय सेवकों को 2 दिनों के भीतर खंड चिकित्सा अधिकारी के अभिमत सहित समक्ष में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने कहा गया है। जिन शासकीय सेवकों को नोटिस जारी किया गया है उनमें लामता के बीपीएम मनीष ऐड़े, किरनापुर के बीपीएम नितिन मेढेेकर, बैहर की बीपीएम अर्चना वासनिक, परसवाड़ा के बीपीएम अनिल कुकड़े, कटंगी के बीपीएम जवाहरलाल बिसेन, कटंगी के बीसीएम वानिश गेडाम, बालाघाट के डाटा एंट्री आपरेटर अनुप देशमुख व डीपी खरोले शामिल है। इन कर्मचारियों का संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने पर उनकी संविदा सेवा समाप्त करने के लिए प्रस्ताव मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश भोपाल को भेजा जाएगा।