बालाघाट में 20 करोड़ की सरकारी जमीन कराई गई मुक्त
बालाघाट । जिले की सड़कों के चौड़ीकरण व स्वच्छता में बांधक बने अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई लगातार जिला प्रशासन कर रहा है। ग्राम पंचायत गर्रा क्षेत्र में बड़ी मात्रा में शासकीय भूमि से पक्का अतिक्रण हटाने के बाद 18 जनवरी को लालबर्रा जनपद में अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई वारासिवनी अनुविभागीय अधिकारी की मौजूदगी में सुबह से शुरु की गई है जो देर शाम तक जारी रही है।अतिक्रमण को हटाने के दौरान बड़ी संख्या में सुरक्षा बल को देखते हुए लोग विरोध करने के बजाय अतिक्रमण को स्वयं से हटाकर निर्माण को तुड़वाने में प्रशासन का सहयोग करते रहे।
700 मीटर लंबी हुई अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई
प्रशासन की टीम ने लालबर्रा क्षेत्र में रेस्ट हाउस से लेकर अंहिसा द्वार तक करीब पांच सौ मीटर व ढवकर मेडिकल से लेकर तहसील पहुंच मार्ग तक करीब 700 मीटर लंबे अतिक्रमण को जेसीबी के माध्यम से हटाने की कार्रवाई की है। इस दौरान अतिक्रमणकारी अमले ने करीब 45 से अधिक कच्ची पक्की दुकानों को तोडऩे की कार्रवाई की है।
20 करोड़ से अधिक की शासकीय भूमि कराई गई अतिक्रमण मुक्त
लालबर्रा में हुई अतिक्रमण की कार्रवाई में अतिक्रमणकारी अमले ने 20 करोड़ से अधिक की लागत की शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त किया है। वहीं अतिक्रमण पूर्ण रुप से हटाने के बाद राशि का और आंकलन किया जाएगा जिसमें ये राशि बढ़ सकती है। बता दें कि लालबर्रा बस स्टैंड से आगे तक अतिक्रमण के चलते सड़क सकरी हो गई थी जो अतिक्रमण के बाद चौड़ी हो गई है।
दो दुकान बनी प्रशासन के लिए मुसीबत
जिला प्रशासन पक्के व कच्चे अतिक्रमण को हटाने के लिए जेसीबी चला रहा है और जेसीबा एक पंजा पक्के निर्माण को एक ही बार में धराशायी कर रहा है, लेकिन लालबर्रा में अतिक्रमण के दौरान दो दुकान एक मोबाइल दुकान व एक चप्पल दुकान का निर्माण कार्य इतना पक्का निकला की एक नहीं बल्कि तीन जेसीबी लगाने के बाद भी उक्त निर्माण को तोडऩे का कार्य मुसीबत का कार्य बना। इस निर्माण को तीन जेसीबी लगाकर देरशाम तक भी नहीं तोड़ा जा सका है।
इनका कहना.......
लालबर्रा में करीब 20 करोड़ से अधिक शासकीय भूमि से अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की गई है। कार्रवाई के पूर्व में अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी करने व अतिक्रमण को चिन्हांकित किए जाने से लोगों के द्वारा प्रशासन को सहयोग कर स्वयं से अतिक्रमण को हटाकर सहयोग किया जा रहा है। अतिक्रमण के दौरान किसी भी विवाद की स्थिति नहीं है।
-केसी बोपचे, एसडीएम, वारासिवनी अनुविभाग।