मीटर में छेड़छाड़ से खपत होती थी कम, बिल भी आता था कम
बालाघाट. विद्युत मीटर में छेड़छाड़ करने से न केवल खपत कम होती थी। बल्कि उपभोक्ताओं को बिजली का बिल भी कम आता था। मीटर छेड़छाड़ गिरोह के ऐसे दो सदस्यों को विभाग ने ग्राहक बनकर पकड़ा है। जिसमें दुर्गा प्रसाद पिता मूलचंद कटरे (34) निवासी भमोड़ी और सिराज अली पिता आशफ अली (38) निवासी मोतीनगर शामिल है। दोनों ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कोतवाली में शिकायत भी दी है। आरोपियों को पुलिस के हवाले भी कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार विद्युत मीटर में छेड़छाड़ की शिकायतें मिल रही थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अधीक्षण अभियंता एमए कुरैशी, कार्यपालन अभियंता रवि कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में सहायक अभियंता एचसी यादव ने योजना तैयार की। शक के आधार पर गिरोह के एक सदस्य से संपर्क किया। स्वयं के मकान में लगे मीटर में इस कार्य को अंजाम देने के लिए गिरोह के सदस्य से चर्चा की। आरोपियों को रंगे हाथ पकडऩे के लिए एक टीम का गठन किया। टीम में बालाघाट वितरण केन्द्र के सहायक अभियंता एचसी यादव, कनिष्ठ अभियंता निलेश तिवारी, कनिष्ठ अभियंता संदीप सहारे, परीक्षण सहायक जितेंद्र कुमार समरित, चंद्र प्रकाश पटले, कांतिलाल लिल्हारे, श्रवण यादव को शामिल किया गया।
ऐसे किया गिरोह का खुलासा
सहायक अभियंता एचसी यादव ने 13 जनवरी को गिरोह के एक सदस्य से संपर्क किया। उसे अपने मकान में बिजली मीटर में खपत कम करने के लिए बुलाया। गिरोह का सदस्य सहायक अभियंता के घर पहुंचा। मीटर की फोटो ली। मीटर में सेटिंग के लिए पैसे के लेन-देन की बात की। आरोपी ने सिंगल फेस मीटर की सेटिंग के 5000 रुपए और थ्री फेज मीटर की सेटिंग के 10000 रुपए लगने की बात कही। साथ ही 14 जनवरी को मीटर में सेटिंग करने के लिए इंजीनियर के साथ आने की बात कही। 14 जनवरी को गिरोह को दोनों सदस्य सहायक अभियंता के घर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीटर में सेटिंग भी की। जिसका विभागीय अमले ने वीडियो भी बनाया। इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस की सहायता से विभागीय अमले ने दोनों आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ा।
जबलपुर के इंजीनियर का बताया नाम
आरोपियों ने प्रारंभिक पूछताछ में जबलपुर के आसिफ नामक इंजीनियर का भी नाम बताया है। हालांकि, पुलिस अभी इस मामले की जांच कर रही है। जबलपुर का इंजीनियर इस गिरोह में शामिल है या नहीं, इस बात का अभी खुलासा नहीं हो पाया है। इसके अलावा गिरोह में कितने सदस्य शामिल हैं, अभी तक आरोपियों ने कितने मीटर में छेड़छाड़ की है सहित अन्य पहलुओं को लेकर पुलिस मामले की जांच कर रही है।