जिले की सभी पंचायतों में तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन
बालाघाट। त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन 2022 की प्रक्रिया को पूर्ण करने के बाद जनपद पंचायतों में सदस्यों के पद पर निर्वाचित हुए सदस्यों को उनका हक व अधिकार मिल नहीं रहा है। जिससे जनपद सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों का न तो समुचित विकास कर पा रहे है और न ही जनता की समस्याओं को सुलझा पा रहे है। इससे नाराज हुए जनपद पंचायत के सदस्यों ने आज को प्रदेशव्यापी आव्हान पर जिले के समस्त पंचायत में तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया है। इसी कड़ी में जनपद पंचायत बालाघाट के सदस्यों ने भी जनपद में तालाबंदी करने के बाद गेट के सामने ही कुर्सियां लगाकर नाराजगी जताकर विरोध प्रदर्शन किया है।
पूर्व दिया गया था दस दिनों का अल्टीमेटम
जनपद पंचायत बालाघाट परिसर में प्रदर्शन के दौरान जनपद पंचायत बालाघाट के अध्यक्ष माधोराव चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश संगठन द्वारा प्रदेश सरकार को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया था ओर दस दिनों के अंदर मांगों को पूर्ण न करने पर तालाबंदी की चेतावनी भी दी गई थी बावजूद इसके उनकी मांगों के तरफ ध्यान नहीं दिया गया है जिसके चलते ही उन्होंने तालाबंदी की है। उन्होंने बताया कि तालाबंदी के बाद भी उनकी मांगों को अनुसना किया गया तो वे लोग अनिश्चितकाल के लिए तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन करेंगे। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इन पांच सूत्रीय मांगों के लिए की तालाबंदी
जनपद पंचायत बालाघाट के सदस्यों ने बताया कि उनके द्वारा पंचायती राज अधिनियम एक्ट 1993 में जनपद सदस्यों को जो अधिकार दिए गए थे वह पुन: वापस दिए जाए, जनपद पंचायत सदस्य के क्षेत्र कि प्रत्येक पंचायत में बैठने की व्यवस्था हो सदस्य का मोबाइल नंबर ग्राम पंचायत की चौपाल एवं ग्राम पंचायत में अंकित हो ग्राम सभा तथा ग्राम पंचायत के प्रत्येक कार्य के लिए संबंधित क्षेत्र के लिए संबंधित क्षेत्र के सदस्य की सहमति एवं अनुमोदन अनिवार्य हो, जनपद सदस्यों का मानदेय कम से कम 15 हजार हो एवं भत्ता दिया जाए,जनपद सदस्यों की राशि को टाइट अनटाइट से मुक्त कर परफारमेंश की राशि के रुप में 25 लाख समान रुप से हर सदस्य को दिया जाए। साथ ही जनपद की कार्ययोजना में नाम जोडऩे के लिए जनपद सदस्यों को अपने कार्यक्षेत्र कि पंचायतों से प्रस्ताव मंगवाना पड़ता है। स्वयं सदस्यो को अधिकार मिले कि बगैर पंचायत के प्रस्ताव के अपने कार्य क्षेत्र की पंचायतों का नाम जनपद की कार्ययोजना से जुड़वा सके।