अबलाओं का सहारा बन रहा वन स्टॉप सेंटर
बालाघाट. महिला बाल विकास विभाग से संचालित वन स्टाप सेंटर अबलाओं के लिए सहारा बन रहा है। वन स्टॉप सेंटर सखी पीढि़त, शोषित एवं प्रताडि़त महिलाओं के लिए एक सपोर्ट सिस्टम के तौर पर काम कर रहा है। यहां महिलाएं स्वयं को सुरक्षित महसूस कर रही है। वन स्टाप सेंटर में किसी भी हिंसा की शिकार प्रभावित महिलाओं एवं बालिकाओं को सामाजिक, मानसिक व आर्थिक तौर पर सशक्त करने के लिए मार्गदर्शन किया जाता है। इसके साथ ही यह सेंटर महिलाओं को एक ही छत के नीचे नि:शुल्क आश्रय, परामर्श, न्यायालीन विधिक सहायता, पुलिस, एफआईआर सहायता मुहैया कराता है।
वन स्टाप सेंटर कार्यालय प्रशासक रचना चौधरी के अनुसार वर्ष 2022-23 में वन स्टॉप सेंटर में जिले से कुल 425 प्रकरण प्राप्त हुए है। जिसमें से 338 प्रकरणों को परामर्श व मधस्यथता के माध्यम से निराकरण किया गया है। कुल 59 मामलों में आवेदिका को आश्रय और चिकित्सीय सहायता दिलाई गई है। 46 प्रकरण में न्यायालीन और विधिक सहायता देकर न्यायालय भेजा गया।
83 को दिलाई पुलिस सहायता
वन स्टॉप सेंटर चूंकि आपात कालीन और गैर आपातकालीन सहायता महिलाओं को मुहैया करता है, इसी कड़ी में आपात कालीन सहायता हेतु शासन से संचालित 181 महिला हेल्प लाइन के माध्यम से कुल 83 आपातकालीन स्थिति में महिलाओं को पुलिस विभाग और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से त्वरित सहायता मुहैया कराई गई है।
महिलाओं को मिल रहा नया जीवन
बताया गया कि वन स्टॉप सेंटर में सर्वाधिक प्रकरण घरेलू हिंसा से प्रताडि़त महिलाओं के प्राप्त हुए हैं। सर्वप्रथम दोनों पक्षों को निरंतर परामर्श के माध्यम से कई घर और परिवारों को बिखरने से बचाया जा रहा है। इसी प्रकार किसी कारणवश गलत रास्ता चुन लिया या भटक गई महिलाओं के प्रकरण को भी परामर्श उपरांत पुन: परिवार और समाज में पुर्नस्थापित कर नया जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित कर उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं से जोडकऱ कौशल विकास और रोजगार से जुडऩे का बढ़ावा दिया जा रहा है।
वन स्टॉप सेंटर घरेलू हिंसा से प्रताडि़त महिलाओं के साथ अन्य मामलों में भी महिलाओं के लिए काफी मददगार साबित हुआ है। महिलाएं बेझिझक हमसें संपर्क कर मदद मांग सकती है।
रचना चौधरी, कार्यालय प्रशासक
फैक्ट फाइल-
:- 2022-23 में आए 425 प्रकरण।
:- 338 प्रकरणों का मधस्यथता से निराकरण।
:- 59 महिलाओं को मिला आश्रय।
:- 46 प्रकरणों में दिलाई विविध सहायता।