बालाघाट के अब्दुल ने तैयार किया स्वदेशी हेलिकाप्टर का माडल, दावा- चीन के अत्याधुनिक विमानों को देगा टक्कर
बालाघाट। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 'आत्मनिर्भर भारतÓ संकल्पना के तहत बेंगलुरू स्थित भारतीय एयरोनाटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने स्वदेशी हेलिकाप्टर का माडल तैयार किया है, जो चीन के अत्याधुनिक रक्षा विमानों को टक्कर देगा।
इस स्वदेशी हेलिकाप्टर को बनाने वाले एचएएल के एयरो डायनामिक विभाग के चीफ मैनेजर अब्दुल राशिद ताजर जिले की किरनापुर तहसील के रहने वाले हैं। अब्दुल राशिद की 20 सदस्यीय टीम ने आइएमआरएच यानी इंडियन मल्टीरोल हेलिकाप्टर का माडल तैयार किया है, जो भारतीय वायुसेना के पास मौजूद रूसी मी-17 (एमआइ) हेलिकाप्टर की जगह लेने क्षमता रखता है।
बेंगलुरू में एयर शो में इसे प्रदर्शित किया गया है। इस माडल का देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित देश की तीनों सेनाओं के प्रमुख अवलोकन के बाद तारीफ कर चुके हैं।
अब्दुल राशिद ने बताया कि हेलिकाप्टर में लगने वाली ब्लेड, उसकी डिजाइन, इंजन की क्षमता सहित अन्य काम उनकी एयरो डायनामिक टीम ने किए हैं। इस माडल को सरकार की तरफ से हरी झंडी मिलना बाकी है।
मल्टीरोल हेलिकाप्टर की खासियतें
-इस हेलिकाप्टर में हाई टेक्नालाजी के उपकरण होंगे। मेंटेनेंस की कम जरूरत पड़ेगी।
-कम दृश्यता में भी पायलट को उड़ान भरने में मदद मिलेगी।
-हेलिकाप्टर में 36 लोगों की बैठने की क्षमता है।
-हेलीकाप्टर में राकेट, गन, एयर टू एयर मिसाइल जैसे हथियार रहेंगे।
18 साल से एचएएल से जुड़े हैं अब्दुल
किरनापुर में जन्मे अब्दुल राशिद 2005 में बेंगलुरू स्थित भारतीय एयरोनाटिक्स लिमिटेड में बतौर इंजीनियर नियुक्त हुए थे। 18 साल से वह अलग-अलग हेलिकाप्टर की डिजाइनिंग में योगदान देकर देश सेवा कर रहे हैं। मां शाहरून निशा और छोटा भाई अब्दुल शाहिद ताजर किरनापुर में रहते हैं। वहीं पत्नी उज्मा ताजर, दस वर्षीय बेटी अलीजा और पांच वर्षीय बेटे अज़हान साथ में बेंगलुरू में रहते हैं।
प्रचंड हेलिकाप्टर की डिजाइनिंग में दे चुके हैं योगदान
अब्दुल राशिद की 20 सदस्यीय टीम ने हाल ही आइएमआरएच हेलिकाप्टर का माडल बनाया है, जिसे बेंगलुरू में चल रहे एयर शो में प्रदर्शित किया गया है। वे आइएमआरएच हेलिकाप्टर की डिजाइनिंग के अलावा एएलएच ध्रुव हेलिकाप्टर, एलसीएच प्रचंड हेलिकाप्टर की डिजाइनिंग और लाइव टेस्टिंग में अपना योगदान दे चुके हैं। प्रचंड हेलिकाप्टर वर्तमान में आर्मी और एयरफोर्स में इस्तेमाल हो रहा है। राशिद को सोसाइटी आफ डिफेंस टेक्नोलाजी जैसे प्रतिष्ठित सम्मान भी प्राप्त हो चुके हैं। उनके इंटरनेशनल पेपर भी प्रकाशित हो चुके हैं।