वन विभाग ग्रामीणों को बताएगा, कैसे जंगल को जलने से बचाना है
बालाघाट। जंगल में आग लगने से बचाने वन विभाग वन सुरक्षा समितियों की मदद लेगा। जिससे जंगल से लगे गांवों में जाकर ग्रामीणों को महुआ बिनने के समय आग लगाने से वनों और वन्य जीवों को होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से समझाइश दी जाएगी। ये पहल वन परिक्षेत्र लालबर्रा और वारासिवनी में जल्द ही चालू होने वाली है।
दरअसल, फरवरी माह से महुआ गिरना चालू हो जाते है। जिससे अधिकतर लोग जंगल में महुआ बिनने जाते है और महुआ के पेड़ नीचे से सूखे पत्तों को हटाकर आग लगा देते है। उसके बाद महुआ बिनते है, लेकिन लगाई गई आग को बुझाना भूल जाते है। जंगल में आग फैलने से वनों और वन्य जीवों के लिए नुकसानदायक है। इसीलिए वन विभाग द्वारा वन सुरक्षा समितियों के जरिए महुआ बिनने जाने वाले लोगों की बैठक लेकर समझाइश देने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। यदि समझाइश के बाद भी लोग आग लगाते है तो पांच सौ से एक हजार रूपये तक का जुर्माना तय किया गया है।