मध्य प्रदेश में वन अधिकारी ने नक्सल प्रभावित पांच गांवों में खोली लाइब्रेरी, युवा ले रहे लाभ
बालाघाट। मप्र के कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के समनापुर बफर जोन में पदस्थ वन परिक्षेत्र अधिकारी सीता जमरा नक्सल प्रभावित घने जंगल में चेतना की मशाल जला रही हैं । वन और वन्य प्राणियों की सुरक्षा के साथ चालीस वर्षीय सीता आदिवासी गांवों के युवाओं के लिए निश्शुल्क लाइब्रेरी संचालित कर रही हैं।
तीन महीने पहले आरंभ हुई इस पहल के अंतर्गत युवाओं को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने के लिए किताबें उपलब्ध कराई जा रही हैं। अधिकारियों को सीता का नवाचार हितकारी लगा और वन विभाग की तीन ईको विकास समितियों के सहयोग से समनापुर जोन के पांच गांवों (बेहराखार, पंडरापानी, पटपरा, सरईपटेरा और मालूमझोला) में लाइब्रेरी शुरू हो गई। यह लाइब्रेरी सर्वसुविधायुक्त कमरों या भवनों में नहीं, बल्कि वन नाकों तथा अनुपयोगी कमरों में संचालित हो रही हैं। हर गांव से 25-25 युवा रोज इस लाइब्रेरी में आकर किताबें पढ़ते हैं।
हर तरह की किताबें हैं उपलब्ध
हिंदी समाचार पत्र, कक्षा छठवीं से लेकर कक्षा बारहवीं तक की एनसीईआरटी की किताबें, सामान्य ज्ञान की मासिक पाक्षिक पत्रिकाएं, सिविल सेवा, रेलवे ,बैंक वन विभाग के लिए आयोजित परीक्षाओं के आदर्श प्रश्न पत्र तथा शासकीय, अर्धसरकारी विभागों में रिक्तियां, नियुक्तियों की अद्यतन जानकारी रोजगार निर्माण आदि पत्रों के माध्यम से युवाओं को मिल रही है, युवा यहां कमरे में या फिर बाहर कुर्सी व टेबल लगाकर पढ़ाई करते हैं।
पर्यटकों ने भी दीं किताबें
बाघ देखने के लिए कान्हा राष्ट्रीय उद्यान पहुंचने वाले पर्यटक भी इस पहल को देखकर तारीफ करते हैं। कई पर्यटकों ने यहां लाइब्रेरी में किताबें भेंट की हैं।