16 माह में 1 करोड़ 30 लाख के 8 इनामी नक्सली ढेर, बैकफुट पर लाल आतंक
बालाघाट। एक के बाद एक कुल आठ हार्डकोर नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराने से नक्सली न सिर्फ बैकफुट पर हैं, बल्कि उनके हौसले पस्त हैं। जिला बल और हाक फोर्स की सटीक योजना, बल संख्या में बढ़ोतरी और लाल आतंक को किसी भी कीमत पर सिर न उठाने देने का जज्बा बालाघाट पुलिस की सफलता का कारण बन रहा है। जवानों ने बीते 16 महीनों में 1.30 करोड़ रुपए के इनामी नक्सलियों को मार गिराया है। साथ ही सर्चिंग पार्टी को नुकसान पहुंचाने या अपनी दहशत दिखाने जमीन के अंदर डंप की गई विस्फोटक सामग्रियों को बरामद कर उनके मंसूबों को ध्वस्त किया है। वहीं, शनिवार तड़के गढ़ी के कदला के जंगल में हुए एनकाउंटर में मारी गईं सरिता और सुनीता का शव लेने उनके स्वजन एक-दो दिन के भीतर बालाघाट पहुंचेंगे। फिलहाल, उनके शव जिला अस्पताल की मरचुरी में रखे गए हैं।
विस्तार दलम के 16 नक्सलियों पर अपराध दर्ज
पुलिस जानकारी के अनुसार, कदला के जंगल में पुलिस व हाक फोर्स पार्टी पर फायरिंग करने वाले नक्सलियों के खिलाफ गढ़ी थाना में अपराध दर्ज किया गया है। मुठभेड़ मामले में अलग-अलग धाराओं के तहत कुल 16 नक्सलियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया गया है। इनमें खटिया मोचा दलम व विस्तार दलम के नक्सली सदस्य हैं। नामजद नक्सलियों में राकेश ओडी, प्रशांत, एडमा उर्फ नवीन सहित अन्य 16 नक्सलियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है।
परिजनों को दी सूचना, शव लेने आएंगे बालाघाट
पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ ने बताया कि महिला नक्सली सरिता और सुनीता के स्वजनों को घटना की सूचना शनिवार को ही दे दी गई थी। रविवार को दोनों नक्सलियों में से किसी के भी स्वजन बालाघाट नहीं पहुंचे, जिनकी संभवत: एक से दो दिन में बालाघाट आने की संभावना है। बालाघाट जिला अस्पताल आने के बाद उन्हें विधिवत कानूनी कार्रवाई के बाद शव सौंपे जाएंगे। पुलिस अधीक्षक श्री सौरभ ने बताया कि नक्सली सरिता छग के सुकमा जिले के चिंतलनार थाना क्षेत्र के ग्राम जोनागुडेम निवासी थी और सुनीता सुकमा जिले के ही जगरगुंडा थाना क्षेत्र के ग्राम नागराम की निवासी थी। दोनों गांव घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र में हैं और दूरस्थ हैं। ऐसे में स्वजनों को बालाघाट आने में समय लग सकता है।
16 महीनों में कब और कहां मिली सफलता
20 जून 2022: कादला के ही जंगल में हुई मुठभेड़ में कमांडर इन चीफ नागेश उर्फ राजू तुलावी, एरिया कमेटी मेंबर मनोज और महिला नक्सली रामे मारी गई थी। तीनों नक्सलियों पर मध्यप्रदेश सहित छत्तीसगढ़ व महाराष्ट्र राज्यों में कुल 47 लाख रुपए का इनाम घोषित था।
30 नवंबर 2022: गढ़ी क्षेत्र के सुपखार रेंज के जामसेहरा जंगल में बालाघाट और मंडला की संयुक्त कार्रवाई में जीआरबी डिविजन के डिविजन कमेटी मेंबर और प्रभारी गणेश मेरावी, भोरमदेव दलम का एरिया कमेटी मेंबर राजेश को मार गिराया गया था। दोनों पर 43 लाख का इनाम था।
18 दिसंबर 2022: मलाजखंड के पाथरी चौकी अंतर्गत हर्राटोला जंगल में जवानों ने कान्हा भोरमदेव के सक्रिय नक्सली कबीर उर्फ सुरेंद्र के गार्ड रूपेश को मार गिराया था। रूपेश पर 12 लाख रुपए का इनाम था।
गढ़ी थाना क्षेत्र के कदला जंगल में हाक फोर्स, पुलिस व सीआरपी के जवानों ने नक्सलियों द्वारा की गई फायरिंग का जवाब देते हुए महिला नक्सली सरिता व सुनीता को मार गिराया था।
ग्रामीणों की हत्या में शामिल थीं सरिता व सुनीता
नक्सली सरिता व सुनीता के पुलिस से प्राप्त अपराध रिकार्ड में दोनों के खिलाफ बैहर थाना क्षेत्र में हत्या का मामला पंजीबद्ध है। उनके खिलाफ 13 नवंबर 2022 को यह मामला पंजीबद्ध हुआ था। यह वह समय है जब नक्सलियों ने बैहर क्षेत्र के ग्राम मालखेड़ी आकर मुखबिरी के शक पर संतोष और जगदीश की हत्या की थी। इस घटना को नक्सलियों ने रंजिश के तौर पर अंजाम दिया था, क्योंकि 6 नवंबर 2021 को मालखेड़ी में ही पुलिस ने 8 लाख रुपए इनामी महिला नक्सली शारदा उर्फ पुज्जे को एनकाउंटर में मार गिराया था। नक्सली शारदा की मुखबिरी करने के शक पर संतोष व जगदीश की हत्या की थी। इससे पहले 27 जून 2021 को उकवा के बिठली चौकी अंतर्गत बम्हनी निवासी भागचंद अड़मे की भी नक्सलियों ने मुखबिरी के शक पर हत्या की थी।
इनका कहना...
रविवार को भी गढ़ी क्षेत्र के कदला के जंगल में अलग-अलग पार्टी ने सर्चिंग की है। एनकाउंटर के बाद जिला पुलिस व हाक फोर्स अलर्ट मोड पर हैं। मृतक नक्सलियों के स्वजनों को शव लेने के लिए सूचित कर दिया गया है।
समीर सौरभ, पुलिस अधीक्षक, बालाघाट