अंधे हत्याकांड का खुलासा, 24 घंटे के भीतर पकड़ाए आरोपी

 अंधे हत्याकांड का खुलासा, 24 घंटे के भीतर पकड़ाए आरोपी


बालाघाट/लालबर्रा. लालबर्रा थाना पुलिस को अंधे हत्याकांड का खुलासा करने में सफलता मिली है। 24 घंटे के भीतर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में इमरसन उर्फ इम्मु पिता लुपेन्द्र कटरे (22) निवासी पलाकामठी और अर्पित उर्फ अक्कु पिता कमलेश कटरे (23) निवासी ग्राम पनबिहरी शामिल है। आरोपियों के पास से पुलिस ने मोबाइल फोन, सौ रुपए और खून से सने कपड़े जब्त किए हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। वहां से आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

स्थानीय कंट्रोल रुम में पत्रकारों से चर्चा करते हुए एएसपी विजय डाबर ने बताया कि 20 अप्रेल की सुबह समनापुर मार्ग पर ग्राम अमोली-बम्हनी के बीच एक युवक का शव मिला था। मृतक धनेन्द्र पिता स्वर्गीय रेवाराम बिसेन (35) निवासी अमोली के रुप में पहचान की गई थी। घटना की सूचना रुद्रप्रताप पटले निवासी ग्राम अमोली ने थाने में दी थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। आवश्यक कार्रवाई की। मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया। मौके पर सिर खून से लथपथ पाया गया। चेहरे पर गंभीर चोट के निशान थे। मामले की जांच के लिए एसपी समीर सौरभ के निर्देशन में पुलिस टीम का गठन किया गया। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि इमरसन कटरे व अर्पित कटरे 20 अप्रेल की सुबह करीब 4.30 बजे मृतक से बात करते हुए दिखाई दिए थे। संदेह के आधार पर दोनों युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि 20 अप्रेल की सुबह वे बाइक से अपना ढाबा पहुंचे थे। वहां पहले से ही धनेन्द्र बिसेन सो रहा था। दोनों को देखकर धनेन्द्र उनके पास पहुंचा। इस दौरान अर्पित ने इमरसन को बताया कि धनेंद्र बिसेन काम धंधा करता है। उसके पास पैसा होगा। दोनों ने मिलकर लूट की योजना बनाई। दोनों आरोपियों ने धनेन्द्र पर चोरी का आरोप लगाया। अर्पित ने धनेन्द्र के पेंट की जेब में हाथ डालकर सौ रुपए और मोबाइल फोन छीन लिया। धनेन्द्र के विरोध करने पर इमरसन ने उसके साथ पहले मारपीट की। इस दौरान विवाद बढ़ गया। धनेन्द्र अपनी जान बचाने के लिए ढाबा से रोड़ तरफ भाग रहा था। लेकिन दिव्यांग होने के कारण वह ज्यादा भाग नहीं सका। रोड के किनारे ही अर्पित और इमरसन ने उसे पकड़ लिया। गुस्से में अर्पित ने वहीं पास में रखा पत्थर उठाकर धनेन्द्र के सिर पर मार दिया। जिससे वह घायल हो गया। वही पत्थर उठाकर इमरसन ने मृतक धनेन्द्र के पैर में मार दिया। दोनों आरोपियों को लगा कि वह थाने में जाकर रिपोर्ट करेगा। दोनों आरोपी ने उसके चेहरे और सिर पर पत्थर मारकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस को गुमराह करने के लिए उसकी बाइक में रस्सी बांधकर रोड किनारे छोड़ दिया। ताकि ऐसा लगे की धनेन्द्र का एक्सीडेंट हुआ है। घटना के बाद दोनों वहां से फरार हो गए। खून से सने कपड़ों को घर पर रख दिया। इस तरह से दोनों ही आरोपियों ने हत्याकांड को अंजाम दिया।

इस मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या व लूट करने और साक्ष्य छुपाने के मामले में धारा 302, 394 व 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर गिरफ्तार किया गया। इस हत्याकांड का खुलासा करने में थाना प्रभारी लालबर्रा अमित भावसार, उपनिरीक्षक गौरव शर्मा, उनि. विजय सिंह बघेल, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक गजेंद्र पटले सहित अन्य का योगदान रहा।

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