उद्यान की सुंदरता पर दाग लगा रहा कचरा और गंदगी
नियमित नहीं की जा रही साफ-सफाई
पथ वे सडक़ों पर फैली झाडिय़ां और कचरा
तालाब के समीप बनाई गई सडक़ किनारे भी गंदगी का अंबार
बालाघाट. मोती तालाब और उद्यान के जीर्णोद्वार पर लाखों रुपया पानी की तरह खर्च तो किया गया, लेकिन खर्च की गई राशि के मुताबिक उद्यान में कायाकल्प नजर नहीं आता है। सौन्दर्यीकरण के नाम पर नपा ने उद्यान से हरियाली गायब कर क्यारियों में लगाए गए सारे पौधे हटवाकर उद्यान को पारदर्शी बना दिया है। वहीं व्यायाम व योग करने बनाए गए शेड भी कम कर दिए गए हैं। नियमित साफ-सफाई नहीं होने से भी तालाब के चारों ओर पैदल घूमने के लिए बनाए गए मार्ग में कचरा और झाडिय़ां दिखाई देती है। वहीं तालाब से सटकर बनाई गई, सडक़ को स्थानीय लोगों ने कूड़ा दान बना लिया है। 200 से ढाई मीटर के इस मार्ग में चार से अधिक स्थानों पर कचरे का ढेर आसानी से देखा जा सकता है। कारण यहीं कि अब तालाब और उद्यान में पहुंचने वाले लोगों की संख्या कम होने लगी है। कभी दिनभर गुलजार रहने वाला यह उद्यान अब दिन में वीरान रहने लगा है।
स्थानीयजनों की माने तो नगरपालिका को मोती उद्यान के मामले को गंभीरता से लेते हुए पहले की तरह उसे हरा भरा व स्वच्छ बनाने प्रयास किए जाने चाहिए, नहीं शहर के अन्य उद्यानों की तरह यह उद्यान भी दुर्दशा का शिकार बनकर रह जाएगा।
मोती उद्यान की जिम्मेदारी नगरपालिका की है। इसके लिए प्रयास भी किए जा रहे हैं। जहां तक सफाई व्यवस्था की बात है तो कर्मचारी उद्यान में नियमित सफाई करते हैं। उन्हें पथ वे में सफाई करने कहा जाएगा। वहीं आस पास के लोगों से भी अपील है कि वे कचरा तालाब किनारे न फेंके।
आरएल रांगडाले, नपा सीएमओ