यातायात के नियमों का पाठ पढ़ाने सड़क पर उतरे न्यायाधीश
बालाघा। बालाघाट में शनिवार को ऐसा वाक्या देखने मिला जब एक न्यायाधीश खुद सड़क पर उतकर वाहन चालकों के चालान काटने लगे। दरअसल लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर लगातार सर्वोच्च न्यायालय चिंता जता रहा है। इन सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सर्वोच्च न्यायालय ने दोपहिया वाहन चालक के लिए हेलमेट तो चोपहिया वाहन चालकों के लिए सीट बेल्ट सहित अन्य नियम बनाए हैं। लेकिन इन नियमों का पालन कितना हो रहा है, यह भी किसी से छुपा नहीं है। यातायात विभाग सड़क पर उतरकर चालानी कार्रवाई करता तो है लेकिन कार्रवाई के दौरान विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल भी खड़े होने लगते हैं, जिसके बाद कुछ दिनों तक चलने वाली कार्रवाई पुनः ठंडे बस्ते में चली जाती है। जिससे नियम फाइलों तक ही सीमित रह जाते हैं, लेकिन आठ अप्रैल को नगर के गर्रा रेलवे क्रासिंग के समीप उस समय हड़कंप की स्थिति नजर आई जब स्वयं मुख्य न्यायायिक मजिस्ट्रेड संजीव कटारे चलित मोबाइल न्यायालय के साथ चालानी कार्यवाही में जुट गए गए।
गर्रा रेलवे क्रांसिग पर यातायात विभाग की टीम के साथ चलित मोबाईल न्यायालय ने कार्रवाई शुरु की और यहां मुख्य न्यायायिक मजिस्ट्रेड संजीव कटारे ने सड़क पर पहले तो वाहन चालकाें को यातायात नियमों की समझाइस दी, जिसके बाद उन पर चालानी कार्रवाई की है। वहीं जिन्होंने चलान नहीं दिया तो ऐसे वाहनों को सीेधे न्यायालय पहुंचा दिया गया है। कार्रवाई के दौरान ऐसा भी नजारा दिखाई दिया जहां न तो पहुंच काम आई न ही दबदबा। इस दौरान बड़ी संख्या में वाहन चालक फोन से बात कराने का प्रयास भी करते नजर आए।
वाहनों से निकाली गई काली फिल्म और हूटरः
कार्रवाई के दौरान यातायात विभाग की पुलिस ने चोपहिया में वाहनों से काली फिल्म, दोपहिया वाहन चालकों के हेलमेट व अन्य आवश्यक दस्तावेज न होने पर कार्रवाई की गई है। इस दौरान एक जिला पंचायत सदस्य भी कार्रवाई के जद में आ गए, जहां उनके निजी वाहन में लगे हुटर को भी न्यायाधीश के निर्देश पर हटाया गया। मिली जानकारी के अनुसार न्यायाधीश ने जिला पंचायत सदस्य को जानकारी भी दी, कि उन्हे हुटर लगाने का अधिकार नही है। जिसके बाद यातायात विभाग के कर्मियों ने वाहन में लगे हुटर को निकाल दिया और चालानी कार्रवाई की है।
गर्रा रेलवे क्रासिंग पर चलित मोबाइल न्यायालय से की कार्रवाई, नियमों की समझाइश के साथ काटे गए चालान
बालाघाट। बालाघाट में शनिवार को ऐसा वाक्या देखने मिला जब एक न्यायाधीश खुद सड़क पर उतकर वाहन चालकों के चालान काटने लगे। दरअसल लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर लगातार सर्वोच्च न्यायालय चिंता जता रहा है। इन सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सर्वोच्च न्यायालय ने दोपहिया वाहन चालक के लिए हेलमेट तो चोपहिया वाहन चालकों के लिए सीट बेल्ट सहित अन्य नियम बनाए हैं। लेकिन इन नियमों का पालन कितना हो रहा है, यह भी किसी से छुपा नहीं है। यातायात विभाग सड़क पर उतरकर चालानी कार्रवाई करता तो है लेकिन कार्रवाई के दौरान विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल भी खड़े होने लगते हैं, जिसके बाद कुछ दिनों तक चलने वाली कार्रवाई पुनः ठंडे बस्ते में चली जाती है। जिससे नियम फाइलों तक ही सीमित रह जाते हैं, लेकिन आठ अप्रैल को नगर के गर्रा रेलवे क्रासिंग के समीप उस समय हड़कंप की स्थिति नजर आई जब स्वयं मुख्य न्यायायिक मजिस्ट्रेड संजीव कटारे चलित मोबाइल न्यायालय के साथ चालानी कार्यवाही में जुट गए गए।
पहले दी यातायात नियमों की समझाइस फिर की कार्रवाईः
गर्रा रेलवे क्रांसिग पर यातायात विभाग की टीम के साथ चलित मोबाईल न्यायालय ने कार्रवाई शुरु की और यहां मुख्य न्यायायिक मजिस्ट्रेड संजीव कटारे ने सड़क पर पहले तो वाहन चालकाें को यातायात नियमों की समझाइस दी, जिसके बाद उन पर चालानी कार्रवाई की है। वहीं जिन्होंने चलान नहीं दिया तो ऐसे वाहनों को सीेधे न्यायालय पहुंचा दिया गया है। कार्रवाई के दौरान ऐसा भी नजारा दिखाई दिया जहां न तो पहुंच काम आई न ही दबदबा। इस दौरान बड़ी संख्या में वाहन चालक फोन से बात कराने का प्रयास भी करते नजर आए।
वाहनों से निकाली गई काली फिल्म और हूटरः
कार्रवाई के दौरान यातायात विभाग की पुलिस ने चोपहिया में वाहनों से काली फिल्म, दोपहिया वाहन चालकों के हेलमेट व अन्य आवश्यक दस्तावेज न होने पर कार्रवाई की गई है। इस दौरान एक जिला पंचायत सदस्य भी कार्रवाई के जद में आ गए, जहां उनके निजी वाहन में लगे हुटर को भी न्यायाधीश के निर्देश पर हटाया गया। मिली जानकारी के अनुसार न्यायाधीश ने जिला पंचायत सदस्य को जानकारी भी दी, कि उन्हे हुटर लगाने का अधिकार नही है। जिसके बाद यातायात विभाग के कर्मियों ने वाहन में लगे हुटर को निकाल दिया और चालानी कार्रवाई की है
लगाया गया प्रवेश मार्ग पर चलित न्यायालयः
जिला न्यायाधीश के आदेश पर बालाघाट में प्रवेश करने वाले मार्ग पर चलित न्यायालय लगाया गया। यहां प्रवेश करने वाले दोपहिया वाहन चालकों को यातायात के प्रति जागरूक करते हुए यातायात के नियम बताए गए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बताया कि चलित न्यायालय लगाया गया है। जहां पर वाहन चालकों को यातायात के प्रति जागरूक करने के साथ ही उन्हें यातायात के नियम का पालन करने की जानकारी दी गई। इसके साथ ही जिन वाहन चालकों ने यातायात के नियम का पालन नहीं किया और बिना हेलमेट, ड्रायविंग लाइसेंस और वाहन के कागजात साथ नहीं रखने वाले वाहन चालकों पर चालानी कार्रवाई कर जुर्माना वसूला गया है। कार्रवाई के दौरान बस और ट्रक में लगे प्रेशर हार्न, बसों में यात्रियों की संख्या अधिक वाले प्रकरण भी चलित मोबाइल न्यायालय की जद में आए।