एक साल में 4.41 लाख श्रमिकों को मिला रोजगार, बालाघाट प्रदेश में शीर्ष

 एक साल में 4.41 लाख श्रमिकों को मिला रोजगार, बालाघाट प्रदेश में शीर्ष


बालाघाट। नरेगा के जिला परियोजना अधिकारी संदीप चौधरी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में बालाघाट जिले में सबसे अधिक चार लाख 41 हजार श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इतनी संख्या में श्रमिकों को रोजगार दिलाने के मामले में बालाघाट जिला प्रदेशस्तर पर पहले पायदान पर है। इसके अलावा एक वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक मानव दिवस सृजित करने के मामले में भी बालाघाट इस बार शीर्ष पर रहा। जिले में अभी तीन लाख से अधिक जाब कार्डधारी श्रमिक परिवार हैं, जो शासन की अलग-अलग योजनाओं व कार्यक्रमों से जुड़कर रोजगार कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (नरेगा) के तहत विभिन्न तरह के कार्य सृजित किए जा रहे हैं। इनमें अमृत सरोवर निर्माण, तालाबों का जीर्णोद्धार, निषादराज भवन निर्माण, खेत तालाब निर्माण, हितग्राही मूलक खेत तालाब निर्माण, लघु तालाब निर्माण, ग्रामों को ग्रामों से जोडऩे वालीं सड़कों का निर्माण जैसे काम चल रहे हैं, जिसमें जाब कार्डधारी श्रमिक परिवारों के अलावा अन्य श्रमिकों को अलग-अलग दिवसों के मुताबिक रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।

कई कार्य अब अंतिम पड़ाव पर:

मप्र में एक हजार करोड़ की लागत से पांच हजार से अधिक तालाब निर्माण को लेकर अमृत सरोवर योजना चलाई जा रही है। बालाघाट में जिले में इस योजना के तहत 104 अमृत सरोवर यानी तालाब स्वीकृत हुए हैं। इसमें अब तक 74 अमृत सरोवर का काम पूर्ण हो चुका है। 30 सरोवर बनना शेष है, जिसे आगामी महीनों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। जिले में वित्तीय वर्ष 2022-23 में सबसे अधिक एक हजार से अधिक तालाबों के जीर्णोद्धार का काम हुआ है। इससे पहले जिले में दो से तीन सौ तालाबों का ही जीर्णोद्धार किया जाता था। तालाबों के जीर्णोद्धार में जिले के मजदूरों को भी रोजगार के अवसर बढ़े हैं। साथ मछुआ समितियों को भवन उपलब्ध कराने के लिए जिले में नवाचार करते हुए 101 निषादराज भवन बनाने का काम भी चल रहा है।

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