सड़क निर्माण को लेकर नक्सली धमकी या पत्र मिलने पर पुलिस मुहैया कराएगी सुरक्षा
बालाघाट। ठेकेदार या उनके कर्मचारियों को नक्सलियों की धमकी मिलने पर पुलिस उन्हें सुरक्षा मुहैया करवाएगी और पुलिस की मौजूदगी में निर्माण कार्य होगा। साथ ही ऐसे ठेकेदार जो पुलिस को नक्सलियों की धमकी मिलने पर रुपये देने का कार्य करते हैं। इनके विरुद्ध भी कार्रवाई करने की योजना पुलिस ने बनाई है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में निर्माण कार्य न रुक सके और निर्माण कार्य पूर्ण होने पर ग्रामीण समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
इन सड़क निर्माण कार्यों को रुकवा चुके हैं नक्सली
नक्सल प्रभावित गांवों के ग्रामीणों को सुरक्षा प्रदान करने की नीयत से बनाई जा रहीं सड़कों को नहीं बनने देने व अपनी दहशत कायम रखने के लिए नक्सलियों ने काम में लगे वाहनों को आग के हवाले करने के साथ ही काम में लगे लोगों में दहशत फैलाने का कार्य भी किया है। यहां जनवरी 2021 में नक्सलियों ने देवरबेली, चिलकोना के बीच मलकुआ मार्ग पर बन रही केंद्र सरकार की आरसीपीएलडब्ल्यूई की सड़क के काम को रुकवा कर दो ट्रैक्टर व एक ट्रक को चलाने का कार्य कर मजदूरों को डराया धमकाया था। चार दिसंबर 2021 को एक बार फिर से कोबरा-नरपी के बीच तीन वाहन जिसमें एक रोड रोलर भी शामिल था को जलाया था। जिसके बाद सात दिसंबर को सीतापर व बोदालझोला के बीच लगे तीन वाहनों को आग के हवाले कर दिया था और 8 दिसबर को मांडवा में भी इसी तरह की वारदात को अंजाम दिया था। जिसके चलते ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
782 से अधिक गांवों को मिलेगी सुरक्षा
केंद्र सरकार की आसीपीएलडब्ल्यूई योजना के तहत अतिनक्सल प्रभावित दक्षिण बैहर, लांजी, परसवाड़ा, बिरसा, गढ़ी समेत अन्य स्थानों पर बनाई जा रही 33 सड़क व 70 पुलों का निर्माण हो जाने से 782 से अधिक गांव सीधे मुख्यालयों से जुड़ जाएंगे जिससे न सिर्फ इन गांवों के ग्रामीणों का जीवन आसान होगा बल्कि पुलिस इन्हें त्वरित सुरक्षा भी मुहैया करा सकेगी और इन गांवों का विकास हो सकेगा।
इनका कहना...
पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ बोले- कलेक्टर महोदय के साथ मिलकर समीक्षा की है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र की सड़के सुरक्षा के साथ ही विकास के लिए जरूरी है। इन सड़कों का सही वक्त पर निर्माण करवाने के लिए ठेकेदारों से कहा गया है कि उन्हें किसी भी प्रकार की नक्सली धमकी मिलती है तो तत्काल पुलिस को सूचना दें उन्हें पुलिस सुरक्षा देकर सड़क निर्माण कार्य को कराया जाएगा। वर्तमान समय में 250 करोड़ की लागत से 33 सड़क 70 पुलों का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है और करवाया जाना है जिनमें से कुछ की टेंडर की प्रक्रिया कराई जा रही है।