शराबियों की अय्याशी का अड्डा बना मंगल भवन-असामाजिक तत्वों का रहता है जमावड़ा

 शराबियों की अय्याशी का अड्डा बना मंगल भवन-असामाजिक तत्वों का रहता है जमावड़ा

अधूरे भवन को पहुंचा रहे नुकसान, खंडहर में तब्दील हो रहा भवन


बालाघाट/उकवा. मॉयल नगरी उकवा के पंचायत भवन के समीप 20 लाख की लागत से मंगल भवन का निर्माण किया जा रहा है। लेकिन सात वर्ष बीत जाने के बाद भी भवन का कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है।

बताया गया कि ग्रामीणों के सामाजिक, सांस्कृतिक सहित अन्य कार्यक्रमों के आयोजन के लिए इस मंगल भवन का निर्माण किया जाना है। वर्ष 2016-17 में भवन की स्वीकृति लेकर पंचायत ने निर्माण कार्य शुरू भी किया, लेकिन अब तक यह पूर्ण नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का मंगल भवन का सपना, सपना ही बना हुआ है।

शराबियों का रहता है जमावड़ा

ग्रामीणों ने बताया कि अधूरा मंगल भवन होने और सुरक्षा के लिए कोई चौकीदार नहीं होने से असामाजिक तत्वों ने इसे अपनी अय्याशी का अड्डा बना लिया है। नित्य शराब के शौकीन देर रात तक इस भवन में ही अपनी महफिलें सजाया करते हैं। वहीं इस भवन के समीप ही ग्राम पंचायत, उप तहसील कार्यालय और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भी स्थित है। ऐसे में यहां बड़ी संख्या में लोगों का आना जाना लगा रहता है। जिन्हें शराबियों के कारण ढेरों परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस भवन के अंदर शराब की खाली बोतलें, नमकीन व पानी पाउच देखे जा सकते हैं।

किराए पर लेना पड़ रहा भवन

ग्रामीणों का कहना है कि मंगल भवन का निर्माण पूर्ण कर दिया जाता है तो ग्रामीणों को बहुत सहूलियत होगी। वर्तमान में शादी विवाह का दौर चल रहा है। ऐसे में ग्रामीणों को किराए पर महंगा भवन लेकर आयोजन करने पड़ रहे हैं। इसके अलावा हर विशेष मौकों और महापुरुषों की जयंती अवसर पर भी विभिन्न कार्यक्रम करवाए जाते हैं। भवन के अभाव में खुले आसमान के नीचे ही इन कार्यक्रमों का करना पड़ता है। यदि मंगल भवन पूर्ण कर दिया जाता है तो बहुत कम खर्च में सभी कार्यक्रम ग्रामीण बहुत अच्छे ढंग से करवा सकते हैं।

खंडहर हो रहा भवन

उप तहसील कार्यालय और स्वास्थ्य केन्द्र के कर्मचारियों ने बताया कि वर्तमान में मंगल भवन बारिश पानी झेलकर खंडहर में तब्दील हो रहा है। दीवारों का प्लास्टर नहीं होने से ईंटों की जुड़ाई जवाब देने लगी है। कुछ स्थानों से ईंटें चोरी भी कर ली गई है। वहीं असामाजिक तत्व भी भवन को नुकसान पहुंचा रहे हैं। यदि शीघ्र ही इस भवन का निर्माण कार्य पूरा नहीं किया जाता तो किया गया निर्माण कार्य भी पूरी तरह से धराशायी हो जाएगा और शासन को लाखों रुपए की नुकसानी को वहन करना पड़ेगा।

वरिष्ठ स्तर से आवंटन प्राप्त नहीं होने के कारण मंगल भवन का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। हालाकि हम भवन के पूर्ण निर्माण को लेकर पत्र व्यवहार कर रहे हंै। राशि मिलते ही भवन का पूरा निर्माण कार्य करवाया जाएगा।

रितेश चौहान, जनपद सीईओ परसवाड़ा

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