बालाघाट स्थित सोनेवानी के जंगल में पर्यटक 11 दिन और कर सकेंगे बाघ का दीदार

 बालाघाट स्थित सोनेवानी के जंगल में पर्यटक 11 दिन और कर सकेंगे बाघ का दीदार


बालाघाट/लालबर्रा। दक्षिण सामान्य वन मंडल लालबर्रा के सोनेवानी जंगल को वन्यप्राणी अनुभव क्षेत्र घोषित किया गया है। जिसके बाद से यहां पर देसी विदेशी पर्यटक भी बाघ के दीदार करने पहुंचते हैं। इस साल तीन दिन पहले ही पर्यटकों को यहां की सैर करने पर रोक लगा दी गई थी। इधर स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधियों, जिप्सी चालक संघ द्वारा नाराजगी व्यक्त करते हुए वन परिक्षेत्र अधिकारी से मुलाकात कर कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के अलावा अन्य पार्क 30 जून तक चालू रहने की जानकारी दी गई। उसके बाद वन विभाग से अनुमति मिल गई और अब पर्यटक 11 दिन तक बाघ के दीदार कर सकेंगे।

2015 में घोषित हुआ था वन्यप्राणी अनुभव क्षेत्र

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के बाद जिले में पहला ऐसा वन्य प्राणियों के दर्शन होने वाला जंगल रहने से प्रत्येक साल पर्यटकों की संख्या बढऩे लगी है। बालाघाट के दक्षिण सामान्य वन मंडल लालबर्रा का सोनेवानी का जंगल नौ हजार 900 हेक्टेयर की पूरी 13 बीट कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के कारीडोर के अलावा सिवनी पेंच से जुड़ी हुई हैं। इससे पूरे जंगल में बाघ, तेंदुआ, बायसन, नीलगाय, सांभर, भालू, मोर,समेत अन्य वन्यप्राणी बहुतायत हैं। इनके कई बार लोगों को सड़क से भी आवाजाही के दौरान दर्शन हो जाते है। वर्तमान में लगभग 28 बाघ, 18 से अधिक तेंदुए हैं। वन्य प्राणियों की संख्या बढऩे से राज्य सरकार ने वर्ष 2015 में इस जंगल को वन्यप्राणी अनुभव क्षेत्र घोषित कर दिया।इसके बाद से जंगल में पर्यटक वन्य प्राणियों के दर्शन करने आते है।

अधिकृत जिप्सी को सफारी करवाने अनुमति

पांढरवानी लालबर्रा सरपंच अनीस खान के अनुसार वन्यप्राणी अनुभव क्षेत्र सोनेवानी को 15 जून को वन विभाग बंद कर दिया गया था, जिससे जिप्सी चालक, जनप्रतिनिधियों में निराशा हो गई थी कि वर्षा अभी चालू नहीं हो पाई है और सफारी बंद कर दी गई है, जबकि कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के अलावा अन्य पार्कों में 30 जून तक चालू रहेंगे। जिप्सी संघ की बैठक के बाद वन परिक्षेत्र अधिकारी लालबर्रा हर्षित सक्सेना को पत्र लिखकर पार्क भ्रमण की तिथि ब?ाने आग्रह किया गया था। जिसे परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा सिर्फ वन विभाग से अधिकृत जिप्सी को ही पूर्व अनुसार अनुमति व सहमति प्रदान की गई है। बताया गया है कि सोनेवानी जंगल को वन भ्रमण व वन्यप्राणी अनुभव केंद्र के लिए प्रमुखता से जाना जाता है, जहां जिले भर व अन्य जिले के पर्यटक घूमने आते हैं।

तीन गेट से होती है सफारी

जानकारी के अनुसार वन्यप्राणी अनुभव क्षेत्र के जंगल में सफारी करने के लिए टेकाड़ी गेट, सिवनी तरफ से अंतरा गेट और वारासिवनी के रमरमा पेंदीटोला गेट तरफ से पर्यटक जिप्सी के माध्यम से सफारी कर बाघ समेत अन्य वन्य प्राणियों के दीदार करते हैं। बताया जाता है कि जो पर्यटक कान्हा राष्ट्रीय उद्यान नहीं जाते, ऐसे पर्यटक यहां पर सफारी करने आते हैं।

इनका कहना है

वर्षाकाल को देखते हुए वन्यप्राणी अनुभव क्षेत्र को बंद कर दिया गया था,लेकिन अभी वर्षा शुरू नहीं हुई है इसकी मांग स्थानीय, आसपास के लोगों द्वारा की गई।इसके लिए फिर से सफारी चालू करवा दी गई है,जो 30 जून तक जारी रहेगी।-हर्षित सक्सेना, वन परिक्षेत्र अधिकारी, दक्षिण सामान्य वन मंडल लालबर्रा।

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